योगी आनंद द्वारा भगवती दुर्गा की प्रार्थना

हे माते! तू सर्वज्ञ है क्योंकि सबके भीतर स्थित आत्मा है तू। तेरी सत्ता चहुंओर और अनंत है। तू ब्रह्मा में रचनात्मक शक्ति, विष्णु में पालन-पोषण की शक्ति, एवं शिव में संहारक शक्ति के रूप में स्थित है। तेरे अनंत नाम व रूप हैं। शब्द, चेतना, बुद्धि, निद्रा, क्षुधा, छाया, शक्ति, तृष्णा, क्षान्ति (सहिष्णुता), जाति, … Continue reading योगी आनंद द्वारा भगवती दुर्गा की प्रार्थना

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Oh my dearest Soul

Oh my dearest Soul, you are most kind. You give peace and solace ever to my mind. You keep your arms always opened and stretched, for you always hugged me and embraced. You never desert me, even close friends betray, you are the best friend, for you didn't let me go astray. Nor you leaves … Continue reading Oh my dearest Soul